Monday , 31 March 2025

पाकी का बयान

तह़ारत के मसाइल

सवाल तह़ारत का क्या मतलब है और इसकी कितनी क़िस्में हैं? जवाब तह़ारत का मतलब यह है कि नमाज़ी का बदन, उसके कपड़े और वह जगह जिस पर नमाज़ पढ़नी है, नजासत से पाक-साफ़ हो।  तह़ारत की दो क़िस्में हैं: {१} तह़ारत-ए सुग़रा {२} तह़ारत-ए कुबरा तह़ारत-ए सुग़रा वुज़ू है …

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बदन या कपड़े पर पेशाब,पाखाना वगैरह तो क्या नहाना ज़रूरी है?

सवाल अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातुह बदन या कपड़े पर पेशाब,पाखाना या गोबर वगैरह कोई दूसरी गंदगी लग जाये तो क्या नहाना ज़रूरी है?   जवाब वालैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाह व बरकातुह बदन या कपड़े पर पेशाब या पाखाना या गोबर वगैरह कोई दूसरी गंदगी लग जाये तो नहाना …

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नापाक कारपेट पाक करने का तरीक़ा

सवाल: अस्सलामु अलयकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  नापाक कारपेट पाक करने का तरीक़ा क्या है? जवाब: व अलयकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  नापाक कारपेट पाक करने का तरीक़ा: कारपेट का नापाक हिस्सा एक बार धो कर लटका दीजिये यहां तक कि टपक्ना मौकूफ़(बन्द)हो जाए फिर दोबारा धो कर लटकाइये …

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तयम्मुम का तरीका (ह-नफ़ी)

सवाल: अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  तयम्मुम का तरीका (ह-नफ़ी) क्या है? जवाब: व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु तयम्मुम का तरीका (ह-नफ़ी): तयम्मुम की निय्यत कीजिये (निय्यत दिल के इरादे का नाम है, ज़बान से भी कह लें तो बेहतर है। मसलन यूं कहिये वे वुजूई या …

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नापाकी की हालत में दुरूद शरीफ़ पढ़ना कैसा

सवाल: अस्सलामु अलयकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  नापाकी की हालत में दुरूद शरीफ़ पढ़ना कैसा? जवाब: व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु   जिन पर गुस्ल फ़र्ज़ हो उन को दुरूद शरीफ और दुआएं पढ़ने में हरज नहीं। मगर बेहतर येह है कि वुज़ू या कुल्ली कर के पढ़ें । …

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बे वुज़ू दीनी किताबें छूना कैसा?

सवाल: अस्सलामु अलयकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  बे वुज़ू दीनी किताबें छूना कैसा? जवाब: व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु    बे वुजू या वोह जिस पर गुस्ल फ़र्ज़ हो उन को फ़िक़्ह, तफ्सीर व हदीस की किताबों का छूना मकरूह है। और अगर इन को किसी कपड़े से …

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कब कब गुस्ल करना सुन्नत है?

सवाल: अस्सलामु अलयकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु कब कब गुस्ल करना सुन्नत है? जवाब : व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  जुमुआ, ईदुल फ़ित्र, बकर ईद, अ-रफे के दिन (या’नी 9 जुल हिज्जतिल हराम) और एहराम बांधते वक़्त नहाना सुन्नत है। (फतावा आलमगीरी जि. 1 स. 16)   kab …

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कब कब गुस्ल करना मुस्तहब है?

सवाल: अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  कब कब गुस्ल करना मुस्तहब है? जवाब:  व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  ﴾1﴿ वुकूफे अ-रफात  ﴾2﴿ वुकूफे मुज़्दलिफा  ﴾3﴿ हाजिरिये हरम  ﴾4﴿ हाजिरिये सरकारे आज़म صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيْهِ وَالِهِ وَسَلَّم ﴾5﴿तवाफ़  ﴾6﴿ दुखूले मिना  ﴾7﴿ जम्रों पर कंकरियां मारने के …

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बहते पानी में गुस्ल करने का तरीका

सवाल: अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु  बहते पानी में गुस्ल करने का क्या तरीका है? जवाब: व अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु    बहते पानी म-सलन दरिया, या नहर में नहाया तो थोड़ी देर उस में रुकने से तीन बार धोने, तरतीब और वुजू येह सब सुन्नतें अदा …

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क्या सत्र खुल जाने से वुज़ू जाता है

सवाल अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू क्या सत्र खुल जाने से वुज़ू जाता है? जवाब वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू अवाम में जो मशहूर है कि घुटना या सत्र, अपना या पराया, देखने से वुज़ू जाता रहता है, ये एक बे असल बात है-घुटना या रान बगैरा देखने …

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